Drone Didi Yojana – सरकार किसानों के हित में विभिन्न प्रकार के योजना को लागू करती है। इसका मुख्य उद्देश्य खेती को किसानों के लिए मुनाफे का सौदा बनाना होता है। भारत एक कृषि प्रधान देश है लेकिन किसानों की स्थिति खराब है। भारत की GDP में खेती 25% से अधिक का भुगतान करती है, ऐसे में किसानों की स्थिति को बेहतर बनाना सरकार का परम कर्तव्य बन जाता है। बीते कुछ सालों में खेती में महिलाओं की भागीदारी भी बड़ी तेजी से बड़ी है। इसलिए देश की महिला और कृषि क्षेत्र के एक साथ विकास के लिए ड्रोन दीदी योजना को शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत 15000 ड्रोन महिलाओं को अनुदान पर खेती करने के लिए दिया जाएगा।
ड्रोन वर्तमान आधुनिक तकनीक का एक उत्तम नमूना है। विश्व के अनेक क्षेत्र में खेती करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत में भी केंद्र सरकार महिलाओं को कृषि ड्रोन अनुदान पर देने वाली है। इस योजना के अंतर्गत महिला किराए पर ड्रोन प्राप्त कर सकती है और अपने खेती को लाभदायक बन सकती है।
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प्रधानमंत्री जी ने हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी की बढ़-चढ़कर तारीफ की है। इसी बीच कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बड़ी तेजी से बड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने यह वादा किया था कि हर ग्रामीण क्षेत्र से लखपति दीदी अर्थात ग्रामीण महिला को लखपति बनाया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह को शुरू किया गया है।
महिलाओं की स्वयं सहायता समूह में कुछ महिलाएं जुड़ती हैं और सारी महिलाएं मिलकर छोटा-मोटा काम शुरू करती है जो देश में व्यवसाय को बढ़ाता है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कृषि क्षेत्र में सहायता करने के लिए कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा। यह ड्रोन अनुदान पर या किराए पर दिया जाएगा, जिससे SHGs (Self Help Gramin) से जोड़ी महिलाओं को कृषि क्षेत्र में बेहतरीन मुनाफा होगा।
15 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा देश के अलग-अलग क्षेत्र में महिला भागीदारी और महिला सशक्तिकरण पर बेहतरीन भाषण दिया गया था। इसमें उन्होंने लखपति दीदी के बारे में जिक्र किया था। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की योजनाओं को लागू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह को शुरू किया गया है जिसमें भारी मात्रा में महिलाओं ने खुद को जोड़ा है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को लिए वादे के मुताबिक सरकार ने अनुदान पर ड्रोन देने की मंजूरी कर दी है। इसके मुताबिक लगातार दो वित्तीय वर्ष अर्थात 2025 तक सरकार इस योजना पर 1261 करोड रुपए खर्च करेगी और अनुदान पर स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला को खेती करने के लिए ड्रोन देगी। इन सभी दोनों का मुख्य रूप से इस्तेमाल खाद और दवाई छिड़कावों के लिए किया जाता है।
ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत कुल 15000 स्वयं सहायता समूह की पहचान की जाएगी। हर राज्य में काम से कम 1000 हेक्टेयर जमीन की पहचान होगी जहां पर खेती करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके पहचान और प्रक्रिया के गठन हेतु क्लस्टर लेवल फेडरेशन का गठन किया जाएगा। ऐसे में खेती करने वाले सभी महिला समूह को ड्रोन दिया जाएगा।
कृषि के लिए ड्रोन 10 लाख रुपए तक आता है इस योजना के जरिए सरकार 8 लाख रुपए का अनुदान महिला स्वयं सहायता समूह को देगी। शेष राशि सीएलएफ नेशनल एग्रीकल्चर इंफ्रा फाइनेंसिंग फैसिलिटी के द्वारा मात्र 3% के ब्याज पर दिया जाएगा। इस तरह हर राज्य के 1000 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर खेती होगा और हर राज्य से 15 000 स्वयं सहायता समूह को चुना जाएगा जिसके लिए CLF Team बनेगा और उसके बाद हर सहायता समूह को 8 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा बाकी का पैसा स्वयं सहायता समूह खुद लगा सकता है या फिर 3% के ब्याज पर लोन ले सकता है।
सभी महिलाओं को ड्रोन उड़ने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। महिला स्वयं सहायता समूह को ड्रोन दिया जाएगा और वह खेत में कीटनाशक और दवाई के छिड़काव के लिए इसका इस्तेमाल करेगी जो समूह के आमदनी में वृद्धि लाएगा। आपको बता दे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दसवीं पास महिलाओं को ड्रोन उड़ने के तकनीक के बारे में सिखाया जाएगा।
इस तकनीक को सिखाने वाली महिला दसवीं पास होनी चाहिए और उम्र में 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें महिलाओं को कृषि ड्रोन उड़ने की पूरी प्रक्रिया के बारे में सिखाया जाएगा। 5 दिनों तक ड्रोन उड़ाने और ड्रोन उतारने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, बाकी 10 दिनों तक अलग-अलग पोषक तत्व खेत में छींटने के बारे में बताया जाएगा। इस ड्रोन दीदी योजना के जरिए महिला सशक्तिकरण में बढ़ावा आने वाला है और गांव की महिलाओं को भी अलग-अलग प्रकार की चीजों का भरपूर ज्ञान होने वाला है।
ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत ड्रोन उड़ने वाली पायलट महिला को ₹15000 प्रति माह की तनख्वाह और को पायलट को ₹10000 प्रति माह की तनख्वाह दी जाएगी। इसके अलावा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की तरफ से किसी प्रकार की मरम्मत करने की ट्रेनिंग भी महिलाओं को दी जाएगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में जो मरम्मत का काम करने के लिए इच्छुक है उन्हें इस योजना में ड्रोन की मरम्मत का पूरा कार्य सिखाया जाएगा और उन्हें ₹5000 प्रति माह ड्रोन की मरम्मत के कार्य हेतु दिया जाएगा।
आपको बता दें वर्तमान समय में किसानों के लिए ड्रोन को सस्ता करने और द्रोण देती योजना के तहत महिलाओं को इसका प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। आप स्थानीय स्वयं सहायता समूह के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ऑफिस में इस योजना के कार्य के ऊपर और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है। अतः इन सभी जानकारी के साथ आपको अपडेट रहना चाहिए और वर्तमान समय में आवेदन प्रक्रिया के लिए इंतजार करना चाहिए।
इस लेख में हमने सभी अभिभावकों को ड्रोन दीदी योजना (Drone Didi Yojana) के बारे में पूरी जानकारी दी है जिसे पढ़ कर आप समझ सकते हैं कि ड्रोन को कैसे हासिल किया जाता है और किस प्रकार आप आसानी से खाद और दवा का छिड़काव खेत पर कर सकते है। अतः इसे अपने मित्रों के साथ भी साझा करें और इस योजना से जुड़ा कोई भी प्रश्न हो तो उसे कमेंट में पूछना ना भूले।